Monthly Archives: June 2014

वो वक़्त कभी तो आना है

ख़ामोश सा पानी अब,जम गया है इन आँखो में,शिकायतें बोहोत हैं,पर अब आह नहीं है सांसो में!! सोचा एक शक्स मिला है,दिल की बात बताने को,जब जब सोचा कुछ उसे बतायें,वो रूठ गया हमें रुलाने को!! अपना किस्सा बस अपने तक,रह जाता मन के ही भीतर,एक पल में यूँ...

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इम्तिहान

इम्तिहान की हद हो गई,अब तो एक ज़िद हो गई, माना सनम बहुत बुरे हैं हम,पर यकीन करो खुद का, कि तुम भी कोई कम नहीं, अब बोलते हो फ़ैसलों की ज़ुबान,क्या मेरा कोई ख़त, अभी तक पढ़ा नहीं? रात भर जागे हम तेरे लिए,और कहते हो कि सपना...

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जाने दे…

शोखियों को अपने दामन से निकल जाने दे!अब सुबा होने दे और जाग जाने दे!! नहीं रहा मैं कहीं का तेरे बग़ैर ए हमदम!कम-स-कम मुझे सब्र से तो बह जाने दे!! सब डूबा दिया तेरी सरगोशियों के साए में!अब तो खुद साया ब कहता है, तुझे कैसे उभर जाने...

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