Monthly Archives: December 2015

सुबहा

फिर से ये सुबहा आ गयी तंग करने… कल रात ही चिट्ठी लिखी थी हर रात की तरहा इसे.. बोला था कि अब थक गया हूँ बस… कल सुबा मत आना मिलने मुझसे.. पर मानती नहीं ये कभी भी मेरा कहना शायद मेरी तरहा ये भी ज़िद्दी है… परेशान...

spacer