अब हमारी आदत है

यूँ गुज़रे ज़मानो में रहना, अब हमारी आदत है
यूँ ज़मीन को आसमा कहना, अब हमारी आदत है

रंजिश कर लेता हूँ उससे, जिसको भी मैं अपना कहूँ
और सबको अपना बनाना, ये हमारी आदत है

आधा ही सही पर कुछ टूटा ख्वाब सा
खवाबों में पूरा करते रहना
अब हमारी आदत है

सुना है बदल गया है वो जब से उँचा मुकाम मिला
उँचे लोगों को बदलना, अब हमारी आदत है

 
दिल को तस्सली देते र्हे की अब भी ज़माना अच्छा है
झूठी तस्सली खुद को देना, अब हमारी आदत है

सुना है की अब समझदार हो गये हैं वो
दिमाग़ वालों से ना बनना, अब हमारी आदत है

एक कदम का फासला जब ना कर पाए वो तय
ऐसे रास्तों पे चलना, अब हमारी आदत है

कुछ बदलने की चाह में, किसी का ना रहा वो
ऐसे लोगों के साथ चलना, अब हमारी आदत है

प्यार करता रहा हूँ, खुद को इंतिहान बेसबब
हर किसी को भूल जाना, अब हमारी आदत है

सुना है ले लिया आख़िर उसने नया मकान अपना
उसके पुराने पते पर जाना, अब हमारी आदत है

दिल को यूँ समझ सका ना ग़म, उम्र भर ये नासमझ
खुशी में ग़म को ढूँढ लाना, अब हमारी आदत है

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