Monthly Archives: September 2016

ज़िन्दगी…

ज़िन्दगी ज़रा एहसास तो दे… जो बुझे न कभी, वो प्यास तो दे.. आ ज़रा वक़्त निकाल मेरे लिए… चलें कहीं दूर तलक, अपना हाथ तो दे… वो चार लम्हें में सिमट के कैद रखना मुझे, वो काम के बोझ तले तेरा मुरझा जाना, वो रोज़ तेरा मुझसे लड़ना...

spacer