Monthly Archives: June 2017

दौर

  वो भी एक दौर था, ये भी एक दौर है तू कल कुछ और था, तू आज कुछ और है मोहोब्बत का जुनून चढ़ा था, फितूर था वो कल की कोई रात थी, अब आज दूसरी भोर है गाया किए नगमें यूही बैठे रहे बेसब्र से वो मेरी...

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